Dhammapada Book Hindi | Bauddha Darshan | धम्मपद हिन्दी किताब | बौद्ध दर्शन | Tathagat Gautam Buddha | तथागत गौतम बुद्ध धम्मपदं | Rahul Sankrityayan | … किताबे, पुस्तके, बेस्टसेलर, बेस्ट सेलर, मे

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Price: ₹400 - ₹249.00
(as of Mar 14, 2026 09:27:27 UTC – Details)


महापंडित राहुल सांकृत्यायन द्वारा हिंदी में अनूदित ‘धम्मपदं’ यह ग्रंथ बौद्ध धर्म के पवित्र ग्रंथों में से एक है, जिसमें भगवान बुद्ध के उपदेश संग्रहित हैं| धम्मपदं का साहित्यिक और धार्मिक महत्त्व बहुत अधिक है, क्योंकि इसमें मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं पर बुद्ध के गहन विचार प्रस्तुत किए गए हैं|
धम्मपदं में मुख्यतः नैतिकता, अनुशासन, ध्यान और ज्ञान का उल्लेख किया गया है| इसमें अहिंसा, करुणा, सत्य और ध्यान पर जोर दिया गया है| ध्यान के महत्त्व और आत्मा की शुद्धता के लिए निर्देश दिए गए हैं, जिससे जीवन में शांति और संतोष प्राप्त होता है| इस ग्रंथ में ४२३ गाथाएँ हैं जिन्हें २६ वर्गों में विभाजित किया गया है| प्रत्येक गाथा में बौद्ध धर्म के सिद्धांत और शिक्षाप्रद बातें निहित हैं| यह एक प्रेरणादायक ग्रंथ है, जो व्यक्ति को आत्मिक और सामाजिक उन्नती की ओर प्रेरित करता है|
यह पुस्तक अपने आप में अनोखी है और बौद्ध साहित्य के अध्ययन के लिए महत्त्वपूर्ण स्रोत मानी जाती है| राहुल सांकृत्यायन ने इस पुस्तक का हिंदी में अनुवाद करके भारतीय पाठकों के लिए इसे और भी सुगम और सुलभ बना दिया| उनकी इस पुस्तक में न केवल धम्मपदं के मूल गाथाएँ हैं, बल्कि इसके साथ ही गाथाओं का कथा और प्रसंगसहित वर्णन भी किया गया है| उपदेशों और श्लोकों की ऐतिहासिक और दार्शनिक दृष्टि से भी व्याख्या की है, ताकि पाठक उनका गहन अर्थ समझ सकें|
बौद्ध दर्शन से अभिप्राय उस दर्शन से है जो भगवान बुद्ध के निर्वाण के बाद बौद्ध धर्म के विभिन्न सम्प्रदायों द्वारा विकसित किया गया और बाद में पूरे एशिया में इसका प्रसार हुआ। यह साधारणतया बौद्ध धर्म के रूप में जाना जाता है। प्राचीन भारत में उत्पन्न हुई यह एक गहन दार्शनिक और आध्यात्मिक परंपरा है। ‘दुख से मुक्ति’ बौद्ध धर्म का मुख्य ध्येय रहा है। कर्म, ध्यान एवं प्रज्ञा इसके साधन रहे हैं। तथागत बुद्ध द्वारा स्थापित किये गये विचारों की यह विश्वास प्रणाली मनुष्य के आत्मज्ञान और पीडा से मुक्ति पाने की खोज के आसपास घूमती है। इस विचारधारा के मूल में चार आर्य सत्य समाये हुए हैं, जो दुख, दुख के कारण, दुख की समाप्ति और अंत में आत्मज्ञान के मार्ग को स्वीकार करते हैं। इतना ही नहीं बुद्ध द्वारा बताया गया अष्टांगिक मार्ग मनुष्य का नैतिक जीवन और आत्म-सुधार के लिए बतौर मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है।
बौद्ध दर्शन करुणा, अहिंसा और सभी दुखदायक चीजों की नश्वरता का विवेचन है। दुनिया भर के लाखो लोग इस पुस्तक से प्रभावित हुए हैं। यह मनुष्य के लिए आंतरिक शांति और ज्ञानोदय की ओर एक आध्यात्मिक यात्रा की पेशकश है। प्रस्तुत पुस्तक मे बौद्ध धर्म के जानेमाने अभ्यासक महापंडित राहुल सांकृत्यायन ने बौद्ध दर्शन के पाँच अध्यायों में बौद्ध दर्शन की सभी मान्यताओं पर चर्चा करके बौद्ध दर्शन को सुस्पष्ट करने का प्रयास किया हैं। बौद्ध दर्शन की जो जानकारी इसमें है वह समझने में विषय मर्मज्ञ के अलावा सामान्य पाठकों को भी कोई कठिनाई नहीं होगी।

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Publisher ‏ : ‎ Infinite Words; An imprint of Saket Prakashan Pvt. Ltd.
Publication date ‏ : ‎ 19 June 2025
Language ‏ : ‎ Hindi
Print length ‏ : ‎ 344 pages
ISBN-10 ‏ : ‎ 9371182377
ISBN-13 ‏ : ‎ 978-9371182379
Item Weight ‏ : ‎ 327 g
Dimensions ‏ : ‎ 14 x 1.9 x 21.8 cm
Country of Origin ‏ : ‎ India
Packer ‏ : ‎ Saket Prakashan Pvt. Ltd. 115, Mahatma Gandhi Nagar, Station Road, Chhatrapati Sambhajinagar 431005, Maharashtra. Ph. 9881745605
Generic Name ‏ : ‎ Book
Best Sellers Rank: #20,715 in Books (See Top 100 in Books) #77 in Buddhism (Books) #183 in Theology & Philosophy of Religion
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