Waiting For A Visa Hindi | By Dr. Babasaheb Ambedkar | वेटिंग फॉर ए विजा बुक इन हिंदी | वीजा की प्रतीक्षा में | डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर | डॉ भीमराव अंबेडकर की बुक | B R Ambedkar Book in | डा बाबा साहेब







Price: ₹150.00
(as of Mar 13, 2026 21:45:46 UTC – Details)
वेटिंग फॉर वीजा’ (Waiting for a Visa) डॉ. बाबासाहब आंबेडकर द्वारा 1935-36 में लिखा गया एक संक्षिप्त आत्मकथात्मक विवरण है। दलित समुदाय को जो सहना पड़ा, उस गहरी जातिगत भेदभावपूर्ण परिस्थितियों पर यह प्रकाश डालता है। यह शीर्षक प्रातिनिधिक रूप में दर्शाता है कि दलितों का भारतीय समाज में स्वीकृति और गरिमा पाने का संघर्ष अब भी जारी है।
बचपन के अनुभव : डॉ. आंबेडकर याद करते हैं कि बचपन की यात्राओं के दौरान उन्हें उनकी ‘अछूत’ पहचान के कारण मदद से वंचित कर दिया गया, जिसने उनके मन पर स्थायी आघात छोड़ा।
शैक्षणिक भेदभाव : उच्च डिग्रियाँ होने के बावजूद, भारत लौटने पर डॉ. आंबेडकर को रहने की जगह नहीं मिली और उन्हें गहरी अवमानना का सामना करना पड़ा।
यातायात से इंकार : हिंदू टाँगाबालों ने डॉ. आंबेडकर को बैठाने से इंकार कर दिया, जिससे गहरे और खतरनाक असहिष्णुता का पता चलता है।
अशुद्धता का अंधविश्वास : जातिवाद अशुद्धता और छुआछुत की धारणाओं को बढ़ावा देता है, जो धर्म के करुणा-आधारित उपदेशों के विपरीत है।
चिकित्सकीय उपेक्षा : प्रसव के दौरान एक दलित महिला की मृत्यु हो गई क्योंकि डॉक्टर ने उसका इलाज करने से मना कर दिया। यह स्वास्थ्य सेवाओं में घातक जातिगत भेदभाव को उजागर करता है।
व्यावसायिक अपमान : एक भंगी युवक को, जो पटवारी के रूप में कार्यरत था, केबल उसकी जाति के कारण अपमान झेलना पड़ा और उसे अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी।
ऐतिहासिक संदर्भ: शूद्रों और अछूतों के प्रति भेदभाव की गहरी ऐतिहासिक जड़ें हैं, जिनका मुकाबला करने के लिए डॉ. आंबेडकर का आंदोलन सतत सक्रिय रहा।
From the Publisher




Publisher : Infinite Words
Publication date : 8 October 2025
Language : Hindi
Print length : 40 pages
ISBN-10 : 9371185732
ISBN-13 : 978-9371185738
Item Weight : 49 g
Dimensions : 14 x 0.4 x 21.5 cm
Country of Origin : India
Packer : Saket Prakashan Pvt. Ltd. 115, Mahatma Gandhi Nagar, Station Road, Chh. Sambhaji Nagar 431005, Maharashtra, India, 7517745605
Generic Name : Book
Best Sellers Rank: #4,790 in Books (See Top 100 in Books) #5 in Public Administration #16 in International Relations & Globalization #17 in Political Freedom & Security (Books)
Customer Reviews: 4.0 4.0 out of 5 stars (10) var dpAcrHasRegisteredArcLinkClickAction; P.when(‘A’, ‘ready’).execute(function(A) { if (dpAcrHasRegisteredArcLinkClickAction !== true) { dpAcrHasRegisteredArcLinkClickAction = true; A.declarative( ‘acrLink-click-metrics’, ‘click’, { “allowLinkDefault”: true }, function (event) { if (window.ue) { ue.count(“acrLinkClickCount”, (ue.count(“acrLinkClickCount”) || 0) + 1); } } ); } }); P.when(‘A’, ‘cf’).execute(function(A) { A.declarative(‘acrStarsLink-click-metrics’, ‘click’, { “allowLinkDefault” : true }, function(event){ if(window.ue) { ue.count(“acrStarsLinkWithPopoverClickCount”, (ue.count(“acrStarsLinkWithPopoverClickCount”) || 0) + 1); } }); });
Add a review
Your email address will not be published. Required fields are marked *